बुधवार, 5 जून 2013

जिया खान

जिन्दगी में किसी मुकाम पर पहुँचना उतना कठिन नहीं है जितना कि उस पर लंबे समय तक टिके रहना। असल में यह एक पड़ाव नहीं बल्कि एक सफर है जिसपर ज्यादा दूर चलने की इच्छा आपकी काबिलियत पर निर्भर करती है। भारत में तीन चीजें सबको दिखाई देती हैं, क्रिकेट, राजनीति और बालीवुड। सबसे ज्यादा शोहरत किसी क्षेत्र में हैं तो वह है...फिल्म। लाइमलाइट की चकाचौंध में खुद को हमेशा आगे रखने की कोशिश कई बार फिल्मी सितारों के मन में आत्मघाती प्रवृत्ति का निर्माण कर देती है। सितारे अक्सर इस कोशिश में लगे रहते हैं कि दुनिया प्रतिदिन उनके बारे में जाने और पढ़े और यह तभी होता है जब कोई सितारा लगातार फिल्मों में काम करता रहे।
अभिनेता इस मामले में ज्यादा खुशकिस्मत होते हैं क्योंकि उन्की फिल्मी पारी लंबी खिंच ही जाती है। लेकिन बात जब अभिनेत्रियों की आती है तो चीजें इतनी आसान नही रहती।

जिया खान की आत्महत्या इस बहस को और आगे तक ले जायेगी कि वो कौन सी वजह थी जिसने 25 साल की उम्र में उन्हे आत्महत्या करने पर मजबूर किया। 



दिल से निकलगी, ना मरकर भी, वतन की उल्फत मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आयेगी....।

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