मंगलवार, 24 मार्च 2020

कोरोना का कहर


दिसंबर 2019 के महीने में चीन के वुहान शहर में एक रहस्यमयी साँस की बीमारी ने लोगों को अपने चपेट में लेना शुरु किया। जिस डाक्टर के पास उस बीमारी के मरीज सबसे पहले पहुँचे उसने अपनी सरकार को  इसके बारे में बताया लेकिन किसी ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ दिनों के बाद वह डाक्टर भी उस बीमारी के चपेट में आ गया। उसने एक वीडियो बनाया और इस बीमारी के बारे में लोगों को आगाह किया। स्थिति बिगड़नी शुरू तब हुई जब इस संक्रामक बीमारी ने तेजी से अपना पैर पसारना शुरू किया और देखते ही देखते चीन की एक बड़ी आबादी इस बीमारी के चपेट में आ गई। चीन का वह राज्य जहाँ यह बीमारी सबसे पहले फैली उसका नाम था हुबोई, और शहर था....
वुहान......।
जनवरी आते-आते वुहान में प्रतिदिन सैकड़ों लोग मरने लगे। फरवरी में सरकार ने हुबोई प्रांत को लाकडाउन कर दिया। हमारे यहाँ अखबारों में खबर छपी कि...चीन न अपने राज्य हुबोई को उसके हाल पर छोड़ दिया है और देश के बाकी हिस्सों से उसे काट दिया है, न कोई वहां जा सकता है, और न ही कोई वहाँ से आ सकता है। जब मैंने यह खबर पढ़ी तो हालीवुड फिल्मे जैसे कि डूम्स डे याद आ गई जिसमें रहस्यमयी बीमारी की वजह से एक शहर को बंद कर दिया जाता है।
यह वह समय था जब भारत में हम इन खबरों को मात्र पढ़कर मजाक में उड़ा रहे थे। सोशल मीडिया, व्हाट्सअप, ट्विटर इत्यादि पर चीन की स्थिति का मजाक पर मजाक उड़ाया जा रहा था। मास्क पहने लोगों, अपनी सुरक्षा के लिये विशेष ड्रेस से लैस लोगों पर तमाम कमेंट किये गये। शायद कोई नहीं जानता था कि भारत में भी ऐसी स्थिति जल्द ही आने वाली है।
चीन की यात्रा पर गये लोगों, वहाँ पर पढने के लिये गये छात्रों इत्यादि को जब इस बीमारी के बारे में पता चला तो  उनकी स्थिति चिड़ियाघर में फँसे उस व्यक्ति की भाँति हो गई जिसे अचानक ही पता चला कि चिड़ियाघर में एक नहीं,अनकों शेर पिंजड़ें से बाहर निकल गये हैं और किसी भी वक्त उन्हे अपना शिकार बना सकते है। आनन-फानन में सभी अपने देशों को वापस लौटने लगे और जाने अनजाने में रहस्यमय बीमारी को फैलाने वाले विषाणुओं के लिये कैरियर बनने लगे जिसका नाम था.....
करोना...19
चीन से निकले लोगों ने इस वायरस को विश्व के हर कोने में फैला दिया। सबसे बड़ी मार पड़ी विश्व की महशक्ति यूनाइटेड स्टेट्स आफ अमेरिका पर जिसका बहुत कुछ चीन पर निर्भर करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इससे बचने की तैयारियों पर ध्यान देने के बजाय चीन को पानी पी-पीकर कोसने लगे। इस बीच कोरोना वायरस अमेरिका के बड़े हिस्से में फैल गया और इसके चपेट मे हजारों लोग आ गये और सैकड़ो लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी। वायरस के वजह से सबसे ज्यादा मौते इटली में हुई क्योंकि वहाँ के लोगों ने वायरस की भयावहता को हल्के मे ले लिया। पहले तो सरकार ने सामाजिक दूरी बनाने के आदेश देने में ही काफी देर कर दी, दूसरे लोगों ने इसे सैर सपाटे के अवसर के रूप मे लिया। जब वहाँ की सरकार ने लाकडाउन की घोषणा की तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और सपरिवार सार्वजनिक स्थानों पर घूमने के लिये जाने लगे। नतीजन आज की तारीख तक इटली में कोरोना वायरस की वजह से मरने वालो की संख्या 6000 के आसपास पहुँच गई है और हजारों की तादाद में लोग इससे प्रभावित हैं। इसके बाद जहाँ सबसे ज्यादा तबाही फैली है वह देश है ईरान। यहाँ भी मरने वालो की संख्या कई हजार में है। देश की सरकार ने अपने हाथ खड़े कर दिये हैं और तबाही रुकने के लिये जिससे दुआ की जा रही है वह ईश्वर।
इस समय पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं 130 करोड़ की जनसंख्या वाल देश भारत पर जहा वायरस अपने दूसरे स्टेज में पहुँचने के बाद तीसरे स्टेज में पहुँचने के लिये बेताब है और हमारे देश की सरकार, स्वास्थ्य एजेसिया और अधिकांश जनसंख्या उसे वहीं रोकने के लिये जी जान से जुड़ी है। भारत में पहला केस केरल में सामने आया जहाँ वुहान से लौटी एक छात्रा का टेस्ट पाजिटिव पाया गया था। पहला केस सामने आने के बाद आज 24 मार्च को पाजिटिव केसों की सं 500 के पास पहुँच गई है। मरने वालों की संख्या 10 के पास पहुँच गई है। सरकार ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था जो सफलतापूर्वक पूरा हुआ था।। आज देख के 548 जिलों को लाकडाउन कर दिया गया है। पंजाब, महाराष्ट्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। सरकार द्वारा लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है। न मानने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाई जा रही है, मुकदमे दर्ज किये जा रहे हैं। आज प्रधानमंत्री दुबारा देशवासियों को संबोधित करने वाले है। संभवतः जनता को अपने घरो में रहने के लिये अपील करेंगे। भारत में सबसे ज्यादा केसेज महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, दिल्ली, उ.प्र., कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, आंध्र प्रदेश इत्यादि राज्यों में देखा गया है। प्रभावितों की बात करें तो यह भारत के लघभग हर राज्यों में फैल चुका है। उत्तर पूर्व के राज्य अभी इससे बचे हुये थे लेकिन आज मणिपुर में भी एक लड़की प्रभावित पायी गयी है जो हाल ही में ब्रिटेन से वापस आयी है। कुल मिलाजुलाकर अभी स्थिति यह है कि वायरस उन्ही लोगों में पाया गयाहै जो विदेश यात्रा से वापस लौटे हैं अथवा विदेश से वापस आये लोगों के संपर्क में आये हैं। सरकार की कोशिश यही है कि वायरस को इसी स्थिति में रोक दिया जाय अन्य़था स्थिति भयानक हो जायेगी। केन्द्र सरकार, राज्य सरकारें हर मुमकिन कोशिश कर रही है कि वायरस को आम जनता में फैलने से रोका जाय। इसे रोकने के लिये हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम सरकार के दिशा निर्देशो का पालन करें।

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के दौर में एक नागरिक के तौर पर हमारी जिम्मेदारी भी कम नहीं है। हमें चाहिये कि हम सरकार के अगले निर्देशों तक अपने घरो में रहें। सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें। एक दूसरे के संपर्क में न आये। स्थिति की गंभीरता को समझें। इसे मजाक में तो बिल्कुल भी न लें...क्योंकि आप और हम सिर्फ ऐहतियात बरत सकते हैं, वायरस को अपने घरों में प्रवेश करने से रोक सकते हैं....लेकिन उसकी कल्पना बिल्कुल भी नहीं कर सकते हैं कि क्या होगा जब कोरोना-19 आपके और हमारे घरों में प्रवेश कर जायेगा। 
दस्तक सुरेन्द्र पटेल निदेशक माइलस्टोन हेरिटेज स्कूल लर्निंग विद सेन्स-एजुकेशन विद डिफरेन्स

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नारी का नारकीय जीवन: कारण

सभ्यता के आदिकाल से ही नारी को दोयम दर्जे का नागरिक मााना जाता रहा है। नाना प्रकार के विकास के बावजूद आज इक्कीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध में भी...